दुर्ग जिला के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य
सामान्य परिचय
- छत्तीसगढ़ राज्य के हृदय स्थल पर शिवनाथ नदी के पूर्व में दुर्ग जिला स्थित है ।
- यह 20° 51′ उत्तर अक्षांश से 21° 32′ उत्तर अक्षांश तक तथा 81° 8′ पूर्व देशांतर से 81° 37′ पूर्व देशांतर तक फैला हुआ है।
- इसका कुल क्षेत्रफल 271862 हेक्टेयर है।
- जिले के बीचो बीच से राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक – 06 (मुम्बई – नागपुर – कोलकाता राजमार्ग) गुजरता है।
- रेल्वे की दक्षिण-पूर्व रेल सेवा यहां उपलब्ध है।
- दुर्ग जिले का निकटस्थ हवाई अड्डा रायपुर एयरपोर्ट है जो यहां से लगभग 60 किलो मीटर दूर स्थित है।
- जिला ऊपरी शिवनाथ – महानदी घाटी के दक्षिण-पश्चिम भाग में स्थित है।
- दुर्ग जिला छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास का अग्रदूत है
- इस जिले का वर्तमान स्वरूप 1 जनवरी सन् 2012 से है।
- दुर्ग जिले की सीमाएं पड़ोसी जिलों राजनांदगांव, रायपुर, बेमेतरा, बालोद, धमतरी को स्पर्श करती हैं।
नदी
- जिले की अधिकांश सीमाएं खारून और शिवनाथ नदी से बनी हुई है।
- शिवनाथ जिले की सबसे महत्वपूर्ण नदी है।
- यह राजनांदगांव जिले में 625 मीटर ऊचीं पानाबरस की पहाडि़यों से निकलती है और दक्षिण से उत्तर की ओर बहती है
- खारून नदी जिला बालोद के पेटेचुवा से शुरू होकर दुर्ग जिले के पूर्वी भागों में बहती है। इस नदी की लंबाई करीब 120 किलोमीटर दूर है।
खनिज संसाधन
- जिले में उच्च गुणवत्ता वाले चूना पत्थर का समृद्ध भंडार है।
- चूना पत्थर का उत्खनन मुख्यत: नंदिनी, सेमरिया, खुदंनी, पिथौरा, सहगांव, देउरझाल, अहिवारा, अछोली, मातरागोटा, घोटवानी और मेडेसरा में किया जाता है।
- जिसका उपयोग जिले में ही स्थापित भिलाई इस्पात संयंत द्वारा इस्पात उत्पादन के लिए एवं ACC जामुल और जे. के. लक्ष्मी फैक्टरी द्वारा सीमेंट उत्पादन के लिये किया जाता है।
मौसम
- जिले की जलवायु उष्णकटिबंधीय प्रकार की है।
- गर्मियों में तापमान 45-46 डिग्री सेन्टीग्रेड तक पहुंच जाता है।
- दुर्ग जिले की वार्षिक औसत वर्षा 1052 मिमी है।
