छत्तीसगढ़ की धरती ने अनेक महान संतों, समाज सुधारकों, राजनीतिज्ञों और लोककलाकारों को जन्म दिया है। इन महान व्यक्तित्वों ने साहित्य, धर्म, राजनीति, समाज सेवा तथा संस्कृति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
1. धार्मिक क्षेत्र के महान व्यक्तित्व
गुरु घासीदास (1756–1820)
- जन्म : 18 दिसंबर 1756, गिरौधपुरी (बलौदाबाजार जिला)
- बचपन का नाम : घसिया
- सतनाम पंथ के प्रवर्तक एवं महान संत।
- इन्होंने सतनाम पंथ की स्थापना की और समाज में समानता, सत्य तथा अहिंसा का संदेश दिया।
- अंतिम उपदेश दल्हापोंड़ी (जांजगीर-चांपा) में दिया।
संत गहिरा गुरु (1905–1996)
- जन्म : 1905, लैलूंगा (रायगढ़)
- बचपन का नाम : रामेश्वर दयाल
- आदिवासी समाज के महान समाज सुधारक।
- इन्होंने सनातन धर्म संत समाज की स्थापना की और सामाजिक सुधार कार्य किए।
धनी धर्मदास
- जन्म : लगभग 1416
- छत्तीसगढ़ में कबीर पंथ के प्रमुख प्रचारक।
- इन्होंने कबीरदास के पदों का संग्रह और प्रचार किया।
- छत्तीसगढ़ के प्रारंभिक प्रमुख कवियों में गिने जाते हैं।
महाप्रभु वल्लभाचार्य (1479–1531)
- जन्म : 1479, चंपारण्य (रायपुर)
- शुद्धाद्वैत दर्शन और पुष्टिमार्ग के संस्थापक।
- इन्होंने अनेक धार्मिक ग्रंथों की रचना की।
दूधाधारी महाराज (बलभद्रदास)
- जन्म : 1524
- रायपुर में दूधाधारी मठ की स्थापना से जुड़े संत।
- यह मठ आज भी धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
स्वामी आत्मानंद
- जन्म : 1929, बरबंदा (रायपुर)
- रायपुर में रामकृष्ण आश्रम की स्थापना की।
- महिला शिक्षा के लिए विश्वास संस्था की स्थापना।
- विवेक ज्योति पत्रिका का प्रकाशन।
महर्षि महेश योगी (1917–2008)
- जन्म : 1917, पांडुका (रायपुर)
- विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु।
- ट्रान्सेंडेंटल मेडिटेशन (TM) के प्रचारक।
- महर्षि विद्या मंदिर संस्थानों की स्थापना।
2. राजनीतिक एवं स्वतंत्रता संग्राम के महान व्यक्तित्व
पंडित सुंदरलाल शर्मा (1881–1940)
- जन्म : 21 दिसंबर 1881, चमसुर (राजिम)
- उपनाम : छत्तीसगढ़ के गांधी
- 1925 में राजिम राजीव लोचन मंदिर में अछूतों का प्रवेश कराया।
- कंडेल नहर सत्याग्रह और सिहावा जंगल सत्याग्रह का नेतृत्व किया।
पंडित रविशंकर शुक्ल (1877–1956)
- जन्म : 2 अगस्त 1877, सागर
- स्वतंत्रता सेनानी और राजनीतिज्ञ।
- अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री।
- 1930 में रायपुर में सविनय अवज्ञा आंदोलन का नेतृत्व किया।
ठाकुर प्यारेलाल सिंह (1891–1954)
- जन्म : 1891, दैहान (राजनांदगांव)
- छत्तीसगढ़ में सहकारिता आंदोलन के जनक।
- 1920 में बी.एन.सी. मिल हड़ताल का नेतृत्व किया।
पंडित वामन बलीराम लाखे
- रायपुर में सहकारी आंदोलन की शुरुआत की।
- 1920 के असहयोग आंदोलन तथा 1930 के सविनय अवज्ञा आंदोलन में भाग लिया।
ठाकुर छेदीलाल (1859–1950)
- जन्म : 1859, अकलतरा
- असहयोग, सविनय अवज्ञा और भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया।
- 1946 में संविधान सभा सदस्य बने।
डॉ. राघवेंद्र राव (1889–1942)
- जन्म : 4 अगस्त 1889, नागपुर
- मध्य प्रांत के प्रमुख नेता और प्रशासक।
- 1936 में मध्य प्रांत के गवर्नर बने।
माधवराव सप्रे (1871–1926)
- जन्म : 1871
- छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता के जनक।
- 1900 में छत्तीसगढ़ मित्र समाचार पत्र का प्रकाशन।
- महिला शिक्षा के लिए जानकी देवी कन्या शाला की स्थापना।
डॉ. खूबचंद बघेल (1900–1969)
- जन्म : 19 जुलाई 1900, पथरी (रायपुर)
- छत्तीसगढ़ महासभा के संस्थापक।
- प्रसिद्ध कृति : “छत्तीसगढ़ का सम्मान”
मिनीमाता (1913–1973)
- वास्तविक नाम : मीनाक्षी देवी
- छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद।
- मजदूरों और दलितों के अधिकारों के लिए कार्य किया।
घनश्याम सिंह गुप्त
- उपनाम : छत्तीसगढ़ का विधान पुरुष
- 1937 में मध्यप्रांत विधानसभा के अध्यक्ष बने।
माता राजमोहनी देवी
- भूदान आंदोलन में सक्रिय भागीदारी।
- समाज सेवा के लिए इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित।
राजा रामानुज प्रताप सिंह देव
- कोरिया रियासत के शासक।
- 1946 में पंचायती राज व्यवस्था शुरू की।
- स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना प्रारंभ की।
चंदूलाल चंद्राकर (1921–1995)
- प्रसिद्ध पत्रकार और राजनेता।
- 1970 में लोकसभा सदस्य बने।
श्यामा चरण शुक्ल (1925–2007)
- जन्म : 27 फरवरी 1925, रायपुर
- अविभाजित मध्यप्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री।
3. लोककला एवं संस्कृति
महाराजा चक्रधर सिंह (1905–1947)
- रायगढ़ रियासत के शासक।
- प्रसिद्ध कत्थक नर्तक और तबला वादक।
- ग्रंथ : नर्तन सर्वस्व।
- इनके नाम पर चक्रधर सम्मान दिया जाता है।
दाऊ दुलार सिंह मंदराजी (1910–1973)
- छत्तीसगढ़ी नाचा के भीष्म पितामह।
- 1928 में पहली संगठित नाचा पार्टी रवेली नाचा पार्टी की स्थापना।
दाऊ रामचंद्र देशमुख (1913–1998)
- छत्तीसगढ़ी लोककला के प्रमुख संरक्षक।
- 1951 में देहाती कला मंच की स्थापना।
- 1971 में चंदैनी गोंदा नाट्य पार्टी की स्थापना।
छत्तीसगढ़ के अन्य प्रमुख व्यक्तित्व
1. वीर नारायण सिंह
- जन्म : 1795, सोनाखान (बलौदाबाजार-भाटापारा)
- छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी माने जाते हैं।
- 1857 के विद्रोह के दौरान अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष किया।
- गरीबों को अनाज वितरण करने के कारण अंग्रेजों ने गिरफ्तार किया।
- 10 दिसंबर 1857 को रायपुर में फाँसी दी गई।
2. फूलबासन यादव
- प्रसिद्ध समाजसेवी एवं महिला सशक्तिकरण की अग्रणी।
- “माँ बमलेश्वरी जनहितकारी समिति” की संस्थापक।
- स्वच्छता और महिला स्वावलंबन के क्षेत्र में कार्य।
- पद्मश्री (2012) से सम्मानित।
3. तीजन बाई
- जन्म : 1956, गनियारी (दुर्ग जिला)।
- विश्व प्रसिद्ध पंडवानी गायिका।
- पंडवानी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
- सम्मान : पद्मश्री, पद्मभूषण, पद्मविभूषण।
4. ममता चंद्राकर
- प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी लोकगायिका।
- छत्तीसगढ़ी लोकसंगीत और संस्कृति के प्रचार में महत्वपूर्ण योगदान।
- पंडवानी और लोकगीतों के लिए प्रसिद्ध।
5. महेंद्र कर्मा
- जन्म : 1950, दंतेवाड़ा।
- छत्तीसगढ़ के प्रमुख राजनीतिज्ञ।
- नक्सलवाद के विरोध में सलवा जुडूम आंदोलन के प्रवर्तक।
- 2013 झीरम घाटी नक्सल हमले में निधन।
6. केयूर भूषण
- प्रसिद्ध गांधीवादी नेता और समाजसेवी।
- स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका।
- पत्रकारिता और सामाजिक कार्यों में योगदान।
7. किशोर साहू
- जन्म : 1915, राजनांदगांव।
- प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता, निर्देशक और लेखक।
- हिंदी सिनेमा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
8. सुरुज बाई खांडे
- प्रसिद्ध पंडवानी लोकगायिका।
- छत्तीसगढ़ी लोककला को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण योगदान।
9. हनुमान सिंह
- छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध खेल व्यक्तित्व।
- भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रहे।
- भारत को कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गौरव दिलाया।


