छत्तीसगढ़: सरगुजा में पुत्र प्राप्ति के लिए अंधविश्वास का दिल दहला देने वाला मामला

छत्तीसगढ़: सरगुजा में पुत्र प्राप्ति के लिए अंधविश्वास का दिल दहला देने वाला मामला

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में अंधविश्वास का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक शख्स ने पुत्र प्राप्ति के बाद मुर्गी का जिंदा चूजा निगल लिया, जिससे उसकी दम घुटने से मौत हो गई। यह घटना 14 दिसंबर 2024 की है और पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।

15 साल बाद पिता बना था आनंद यादव

सरगुजा जिले के दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम छिंदकालो के रहने वाले आनंद यादव 15 साल की शादी के बाद पिता बने थे। उनका मानना था कि यह सब झाड़-फूंक और टोना-टोटका का परिणाम है। पांच महीने पहले उनके घर बेटे का जन्म हुआ था। उन्होंने कुछ दिन पहले अपने बेटे का मुंडन संस्कार भी कराया था।

अंधविश्वास के चलते निगला जिंदा चूजा

ग्रामीणों के मुताबिक, आनंद यादव झाड़-फूंक के लिए एक महिला के संपर्क में था। बताया जा रहा है कि इसी महिला ने उसे पुत्र प्राप्ति की खुशी में जिंदा चूजा निगलने की सलाह दी थी। 14 दिसंबर को, वह मुर्गी का चूजा खरीदकर लाया और अनुष्ठान के बाद चूजा निगल लिया।

चूजा गले में फंसा, हुई मौत

चूजा निगलने के बाद आनंद की तबीयत अचानक बिगड़ गई। वह आंगन में ही तड़पने लगा। परिजनों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों ने उसकी श्वांस नली में फंसा हुआ चूजा पाया। यह देखकर सभी हैरान रह गए।

पुलिस कर रही है जांच

घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने बताया कि आनंद नियमित रूप से झाड़-फूंक के लिए महिला से मिलता था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या महिला ने ही उसे यह खतरनाक कदम उठाने के लिए उकसाया था।

विशेषज्ञों की राय

सरगुजा के मेडिकल कॉलेज अस्पताल के फोरेंसिक विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि यह अपनी तरह का पहला मामला है। उन्होंने कई पोस्टमार्टम किए हैं, लेकिन ऐसा चौंकाने वाला मामला पहले कभी सामने नहीं आया।

समाज में अंधविश्वास के खतरनाक प्रभाव

यह घटना अंधविश्वास के घातक प्रभावों को उजागर करती है। समाज में जागरूकता फैलाने और ऐसे खतरनाक रिवाजों को रोकने के लिए शिक्षित और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।

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