छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रकाशित “सशक्त एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ 2026 कैलेंडर” केवल तारीखों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह राज्य की संस्कृति, परंपरा, धार्मिक आस्था, लोक जीवन और सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का जीवंत दस्तावेज़ है। इस कैलेंडर में वर्ष 2026 के प्रमुख त्योहारों, जयंती, राष्ट्रीय दिवसों और महत्वपूर्ण आयोजनों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ सरकार की विभिन्न योजनाओं को भी दर्शाया गया है।

छत्तीसगढ़ कैलेंडर 2026 की विशेषताएँ
यह कैलेंडर छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग हेतु प्रकाशित किया गया है। इसमें:
- वर्ष 2026 के सभी महीनों का विस्तृत विवरण
- हिंदी एवं अंग्रेज़ी दोनों में तिथियाँ
- प्रमुख हिंदू, मुस्लिम, सिख एवं राष्ट्रीय पर्व
- स्थानीय सांस्कृतिक पर्व
- सरकारी योजनाओं का प्रचार
- छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक झलकियाँ
को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
जनवरी 2026 के प्रमुख पर्व और विशेष दिन
जनवरी माह में कई महत्वपूर्ण त्योहार और राष्ट्रीय दिवस शामिल हैं:
- मकर संक्रांति
- पोंगल
- बसंत पंचमी
- गणतंत्र दिवस
- नेताजी सुभाषचंद्र बोस जयंती
- राजिम भक्तिन माता जयंती
- छेरछेरा पर्व
इस महीने के कैलेंडर पृष्ठ में छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध शक्तिपीठों का चित्रण भी किया गया है।
फरवरी 2026 : महाशिवरात्रि और पोलियो अभियान
फरवरी माह में:
- महाशिवरात्रि
- महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती
- छत्रपति शिवाजी जयंती
जैसे आयोजन दर्शाए गए हैं।
इसके साथ ही “राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान” का संदेश भी कैलेंडर में प्रकाशित किया गया है, जो जनस्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देता है।
मार्च 2026 : होली, ईद और मातृशक्ति सम्मान
मार्च माह में:
- होली
- ईद-उल-फितर
- रामनवमी
- महावीर जयंती
जैसे पर्वों का उल्लेख है।
इस माह के पृष्ठ में “महतारी वंदन योजना” को प्रमुखता से दर्शाया गया है, जो महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजना है।
अप्रैल 2026 : डॉ. अंबेडकर जयंती और मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना
अप्रैल माह में प्रमुख रूप से:
- गुड फ्राइडे
- डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती
- परशुराम जयंती
- शंकराचार्य जयंती
को शामिल किया गया है।
इस महीने “मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना” की जानकारी भी दी गई है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सहायता प्रदान करती है।
मई 2026 : बुद्ध पूर्णिमा और तेंदूपत्ता संग्रहण
मई माह में:
- बुद्ध पूर्णिमा
- ईद-उल-जुहा (बकरीद)
जैसे महत्वपूर्ण पर्व दर्शाए गए हैं।
इसके साथ ही तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े श्रमिकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी प्रमुखता दी गई है।
जून 2026 : बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान
जून माह में:
- मोहर्रम
- कबीर जयंती
का उल्लेख मिलता है।
इस महीने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को दर्शाया गया है, जो बालिका शिक्षा और सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास है।
जुलाई 2026 : महिला सशक्तिकरण की झलक
जुलाई के कैलेंडर पृष्ठ में महिलाओं के नाम राशन कार्ड जैसी योजनाओं को प्रदर्शित किया गया है। यह महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में सरकार की पहल को दर्शाता है।
अगस्त 2026 : स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन
अगस्त माह के प्रमुख आयोजन:
- विश्व आदिवासी दिवस
- हरेली
- स्वतंत्रता दिवस
- ईद-ए-मिलाद
- रक्षाबंधन
हैं।
हरेली जैसे लोकपर्व छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति और कृषि परंपरा को प्रदर्शित करते हैं।
सितंबर 2026 : कृष्ण जन्माष्टमी और तीज पर्व
सितंबर माह में:
- कृष्ण जन्माष्टमी
- हरितालिका तीज
जैसे धार्मिक पर्व शामिल हैं।
इसके साथ “ई-रिक्शा सहायता योजना” का भी प्रचार किया गया है, जो रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देती है।
अक्टूबर 2026 : दशहरा और वीरता सम्मान
अक्टूबर माह में:
- गांधी जयंती
- दशहरा
- महानवमी
- करवाचौथ
जैसे पर्वों का उल्लेख है।
इस महीने सुरक्षा बलों और वीरता को सम्मानित करने वाले चित्र भी प्रकाशित किए गए हैं।
नवंबर 2026 : दीपावली और गुरु नानक जयंती
नवंबर में:
- दीपावली
- छठ पूजा
- गुरु नानक जयंती
- नामदेव जयंती
जैसे त्योहार दर्शाए गए हैं।
यह माह सेवा और सामाजिक समर्पण की भावना को भी प्रदर्शित करता है।
दिसंबर 2026 : गुरु घासीदास जयंती और महिला सशक्तिकरण
दिसंबर माह में:
- गुरु घासीदास जयंती
- क्रिसमस दिवस
को विशेष रूप से दर्शाया गया है।
साथ ही महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास से जुड़े संदेश भी प्रकाशित किए गए हैं।
छत्तीसगढ़ कैलेंडर 2026 क्यों है खास?
यह कैलेंडर केवल तिथियों का विवरण नहीं देता, बल्कि:
- छत्तीसगढ़ की संस्कृति को प्रदर्शित करता है
- लोक पर्वों को महत्व देता है
- सरकारी योजनाओं की जानकारी देता है
- धार्मिक समरसता का संदेश देता है
- सामाजिक जागरूकता बढ़ाता है
इसी कारण यह कैलेंडर राज्य की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बन जाता है।
निष्कर्ष
“सशक्त एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ 2026 कैलेंडर” राज्य की परंपरा, संस्कृति, त्योहारों और जनकल्याणकारी योजनाओं का सुंदर मिश्रण है। इसमें जहां एक ओर धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को स्थान मिला है, वहीं दूसरी ओर महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक विकास की योजनाओं को भी प्रमुखता से दर्शाया गया है। यह कैलेंडर हर छत्तीसगढ़वासी के लिए उपयोगी और प्रेरणादायक दस्तावेज़ है।
