‘मोर दुआर – साय सरकार महाअभियान’: हर गरीब को मिलेगा अपना घर!

बस्तर के घाटपदमपुर से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एक महत्वाकांक्षी पहल की शुरुआत की है – ‘मोर दुआर – साय सरकार महाअभियान’। यह महाअभियान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत ‘आवास प्लस 2.0’ सर्वेक्षण का एक विशेष प्रयास है, जो 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वयं गांवों में पहुंचकर हितग्राहियों के घरों का सर्वेक्षण कर रहे हैं और इस अभियान की मंशा को धरातल पर उतारने का संदेश दे रहे हैं।

‘मोर दुआर – साय सरकार महाअभियान’: हर गरीब को मिलेगा अपना घर!

मोर दुआर - साय सरकार महाअभियान': हर गरीब को मिलेगा अपना घर!

हर गरीब परिवार को पक्का मकान:

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उनकी सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का कोई भी पात्र ग्रामीण परिवार पक्के मकान से वंचित न रहे। यह अभियान जनभागीदारी और पारदर्शिता के साथ चलेगा, ताकि हर जरूरतमंद को योजना का लाभ समय पर मिल सके।

तीन चरणों में होगा सर्वेक्षण:

‘मोर दुआर – साय सरकार महाअभियान’ को तीन चरणों में विभाजित किया गया है:

  • पहला चरण (15-19 अप्रैल): इस चरण में जिला और ब्लॉक स्तर पर सर्वेक्षण की तैयारी और प्रारंभिक सर्वेक्षण कार्य किया गया।
  • दूसरा चरण (20-28 अप्रैल): यह चरण सबसे महत्वपूर्ण है, जिसमें सभी गांवों में ग्राम सभाएं आयोजित कर पात्र परिवारों का घर-घर जाकर गहन सर्वेक्षण किया जा रहा है।
  • तीसरा चरण (29-30 अप्रैल): सर्वेक्षणों की पुष्टि की जाएगी, ग्राम सभा की स्वीकृति ली जाएगी और अंतिम रिपोर्ट राज्य कार्यालय को प्रेषित की जाएगी।

हर गांव में होगा सर्वेक्षण, हर पात्र परिवार की पहचान:

राज्य सरकार का विशेष जोर इस बात पर है कि इस महाअभियान के तहत छत्तीसगढ़ के प्रत्येक गांव में पात्र परिवारों की पहचान की जाएगी। विशेष रूप से उन परिवारों को लक्षित किया जा रहा है जिन्हें अभी तक किसी भी आवास योजना के तहत पक्का मकान नहीं मिला है। इन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना प्लस 2.0 के तहत आवास स्वीकृत किया जाएगा।

‘मोर दुआर – साय सरकार महाअभियान’: मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच:

यह महाअभियान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उस दूरदर्शी सोच का विस्तार है, जिसमें सरकार स्वयं जनता के द्वार पर पहुंचकर उनकी जरूरतों को समझती है और उनका समाधान करती है। ‘मोर दुआर’ (मेरा द्वार) शब्द ही इस भावना को दर्शाता है कि सरकार हर जरूरतमंद के दरवाजे तक पहुंचेगी और उन्हें आवास का अधिकार दिलाएगी।

यह पहल न केवल गरीब परिवारों को आश्रय प्रदान करेगी, बल्कि उनके जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। ‘मोर दुआर – साय सरकार महाअभियान’ सही मायने में एक ऐसा कदम है जो छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास को नई दिशा देगा और हर गरीब के सपने को साकार करने में सहायक होगा।

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